Government of India act 1858 in Hindi

Government of India act 1858 को भारत के शासन को अच्छा बनाने वाला अधिनियम के नाम से भी जाना जाता है। इस महत्वपूर्ण कानून का निर्माण सन् 1857 के विद्रोह के बाद किया गया था।

जिसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम या सिपाही विद्रोह भी कहा जाता है। सन् 1857 के क्रान्ती (mutiny) के फलस्वरुप तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री पामस्टर्न ने कम्पनी शासन की समाप्ति हेतु विधेयक प्रस्तुत किया किन्तु वह पारित नहीं हो सका।

Government of India act 1858 की निम्न विशेषताएं है।

(1) government of India act 1858 के तहत अप्रैल 1885 में ब्रिटेन संसद ने Act for the better government of India (एक्ट फार द बेटर गवर्नमेंट आफ इंडिया) के नाम से एक विधेयक पारित किया गया

जिसके तहत East India Company को समाप्त कर दिया गया।

(2) pitt’s india act के द्वारा स्थापित वाणिज्यिक कार्यों के लिए Board of Director( निदेशक मंडल ) और राजनैतिक कार्यों के लिए Board of Control (नियंत्रण बोर्ड) को समाप्त कर दिया गया।

जिसके तहत भारत में द्वैध शासन व्यवस्था भी समाप्त हो गया।

(3) भारत के गवर्नर जनरल का पदनाम के स्थान पर भारत का वायसराय पर नाम कर दिया गया जो भारत में ब्रिटिश ताज का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि बन गया। भारत के प्रथम वायसराय लॉर्ड कैनिंग हैं।

(4) मुगल सम्राट के पद को समाप्त कर दिया गया। इस तरह भारत के अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह द्वितीय जफर ( 1837-1857 ई. तक ) था।

(5) एक नया पद, Secretary of State of India (भारत के राज्य सचिव) का सृजन किया गया। जिसमें भारतीय प्रशासन की संपूर्ण शक्ति निहित थी। यह सचिव ब्रिटिश कैबिनेट का सचिव होता था।

जो मुख्यतः ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी होता था। भारत के राज्य सचिव की सहायता के लिए एक भारत-परिषद् का गठन किया गया जिसमें कूल 15 सदस्य और एक अध्यक्ष (Secretary of State of India) होता था। 15 सदस्यो में से 8 सदस्यों का चुनाव ब्रिटिश सरकार के द्वारा और 7 सदस्यों का चुनाव कंपनी के निदेशक मंडल के द्वारा होता था।

(6) भारत-परिषद के सदस्यो के कारण भारतसर्वप्रथम मंत्री पद की व्यवस्था किया गया।

Important Question for Exam related to the topic government of India act 1858

(1) भारत में कंपनी शासन का अंत किस अधिनियम के द्वारा किया गया – government of India act 1858 के द्वारा।

(2) भारत में सन् 1858 में कंपनी शासन के अंत के बाद शासन संचालन की शक्ति किसमें निहित हो गया – भारत-परिषद के 15 सदस्यों में।

(3) भारतीय मामलों पर किस अधिनियम के द्वारा सीधे ब्रिटिश संसदीय नियंत्रण स्थापित हो गया – government of India act 1858 के द्वारा।

(4) किस अधिनियम के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल का नाम बदलकर भारत का वायसराय कर दिया गया – government of India act 1858 के द्वारा।

(5) भारत के शिक्षित वर्ग के द्वारा किसे अपने अधिकारों का मैग्नाकार्टा कहा गया – ब्रिटिने की महारानी विक्टोरिया के 1 नवम्बर 1858 की घोषणा को।

(6) भारत के प्रथम वायसराय कौन है – लार्ड कैनिंग।

(7)भारत के अंतिम गवर्नर जनरल कौन है – लार्ड कैनिंग।

Ram Pal Singh

Hi, This is Ram Pal Singh. I am a Profocinal Blogger and content writer, and Now I am working in the Government Sector in Uttar Pradesh.

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