Making of Indian constitution

Making of Indian Constitution , भारत में संविधान सभा के सिद्धान्तों का पहला रूप बाल गंगा धार तिलक ने सन् 1895 में उनके द्वारा पेश किया गया स्वराज विधेयक SwarajyaBill के माध्यम के किया गया था।

Making of the Constitution ( संविधान सभा का गठन )

विश्व में making of the constitution सभा का के गठन का विचार सर्वप्रथम इंग्लैण्ड के समानतावदियों और सर हेनरी मेन ने दिया था। लेकिन इसके व्यवहारिक रूप में सर्वप्रथम अमेरिक और फ्रांस में अपनाया गया था। भारत में संविधान सभा के सिद्धान्तों का पहला रूप बाल गंगा धार तिलक ने सन् 1895 में उनके द्वारा पेश किया गया स्वराज विधेयक SwarajyaBill के माध्यम के किया गया था।   संविधान सभा की मांग :-

भारत में Making of Indian constitution (संविधान) सभा का सर्वप्रथम मांग सन् 1895 ई0 में बाल गंगा धार तिलक ने स्वराज विधेयक Swarajya Bill के माध्यम से किया था। उसके बाद सन् 1922 ई0 में महात्मागाँधी जी ने यह कहा कि ” भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छानुसार ही होगा। “

उसके बाद सन् 1934 में स्वाराज पार्टी ( एक पार्टी के रूप में सर्वप्रथम मांग ) के द्वारा, सन् 1934 में एम. एन. राव ( एक व्यकित के रूप में सर्वप्रथम मांग ), सन् 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत के संविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग किया।

और अन्त में सन् 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से पंडित जवाहरलाल नेहरू नें घोषणा की कि स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई

संविधान सभा के द्वारा किया जाएगा और हम इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होगा।
नेहरु के इस मांग को सन् 1940 में ब्रिटिस सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया। जिसे सन् 1940 के अगस्त प्रस्ताव के नाम से जाना गया।  

क्रिप्स मिशन का आगमन :-

सन् 1942 में ब्रिटिश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री सर स्टैफोर्ड क्रिप्स की अध्यक्षता में क्रिप्स मिशन का गठन किया गया। जिनका भारत में आने का उद्देश्य एक स्वतंत्र संविधान के निर्माण के लिए ब्रिटिश सरकार के एक पारूप प्रस्ताव देना था।

जिसे संविधान को द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के बाद अपनाया जाना था। क्रिप्स मिशन को मुस्लिम लीग ने अस्वीकार किया।

कैबिनेट मिशन का आगमन :-

क्रिप्स मिशन के असफल होने के बाद 23 मार्च 1946में ब्रिटिश सरकार के द्वारा कैबिनेट मिशन का गठन किया गया जिसने नवम्बर 1946 मेंसंविधान सभा के गठन किया गया। कैबिनेट मिशन में कूल तिन लोग थे। जिसमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य थे।

  1. लॉर्ड पेथिक लाँरेंस (अध्यक्ष)
  2. सर स्टैफर्ड क्रिप्स (सदस्य)
  3. ए. वी. अलेक्जेंडर (सदस्य)

Making of Indian Constitution संविधान सभा के गठन से पहले जुलाई-अगस्त 1946में संविधान सभा (Election for Constituent Assembley) के लिए चुनाव किया गया जिसमें ब्रिटिश भारत के लिए आवंटित 296 सीटोंपर हुआ। 

संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से प्रान्तीय विधान सभा के सदस्यों के द्वारा किया गया था। 296 सीटों में पर चुनाव में पार्टी के द्वारा जितें गये सिटों की संख्या निम्न है।  

 
संविधान सभा का गठन (Making of Indian constitution) :-
 
नवंबर 1946 में कैबिनेट योजना के द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के तहत भारत में संविधान सभा का गठन किया गया।

 

संविधान सभा के सदस्या :-
जब सर्वप्रथम संविधान सभा का गठन किया गया तब संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 होनी थी। जीसमें 1 सीटों का बटवारा भारत के 10 लाख की जनसंख्या के आधार पर किया गया था, और इनका चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था।
 
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4 सीटों का चुनाव मुख्य आयुक्त के प्रांतो से दिल्ली, अजमेर-मारवाड़, कुर्ग तथा ब्रिटिश बलुचिस्तान से चुने गये थे। 

तथा प्रत्येक ब्रिटिश प्रांत के सीटों का आवंटीत मुख्य तीन प्रमुख समुदायों के बीच उनकी जनसंख्या के अनुपात में किया जाना था। ये तीन समुदाय – मुस्लिम, सिख और सामान्य थे।
 
3 जून 1947 को भारत के बटवारे के लिए पेश की गयी माउंटबेटन योजना को स्वीकार करने के बाद संवीधान सभा के सदस्य संख्या 389 से कम होकर 299 हो गया। जीसका चुनाव निम्न है…
 

 

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संविधान सभा की बैठक (Makaing of indina constitution) :-

 
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को दिल्ली के काउंसींग हाल में हुई। जिसमें केवल 211 सदस्यों ने हिस्सा लिया था। फ्रांस की तरह इस सभा से सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को भारतीय संवीधान सभा का प्रथम अस्थायी अध्यक्ष चुना गया।
उसके बाद 11 दिसंबर 1946 को ड़ॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए और इसके साथ ही संवीधान सभा के दो उपाध्यक्ष को डा. एच. सी. मुखर्जी और वी. टी. कृष्णामचारी को चुना गया।
भारत के संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा की कुल 11 बैठक हुआ था लेकिन संविधान को लागु होने तक संविधान सभा की कुलबैठक 12 हुआ। 12 वी बैठक 24 जनवरी 1950 को हुआ था। 
और इस बैठक के द्वारान 24 जनवरी 1950 को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में चुना गया, और यह तय किया गया की भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागु किया जायेगा।

संविधान सभा की बैठक एक नजर से…………..

 
संविधान सभा के सत्र
अवधि
पहला सत्र
9-23 दिसम्बर, 1946 तक
दूसरा सत्र
20-25 जनवरी,1947 तक
तीसरा सत्र
28 अप्रैल से 2 मई, 1947 तक
चौथा सत्र
14 से 31 जुलाई, 1947 तक
पाँचवा सत्र
14 से 30 अगस्त, 1947 तक
छठा सत्र
27 जनवरी 1947 तक
सातवाँ सत्र
4 नवम्बर 1948 से 8 जनवरी 1949 तक
आठवाँ सत्र
16 मईं से 16 जून 1949 तक
नवाँ सत्र
30 जुलाई से 28 सितम्बर 1949 तक
दसवाँ सत्र
6 से 17 अक्टूबर 1949 तक
ग्यारहवाँ सत्र
14 से 26 नवम्बर 1949 तक।
 
संविधान के निर्माण हेतु संविधान सभा की कुल बैठक 11 लेकिन लागु होने तक संविधान सभा की कुल बैठक 12 हुई।
 

संविधान सभा के कार्य :-

 
भारत के संविधान सभा के मुख्यतः दो कार्य थे..
 

 (1) स्वतंत्र भारत के लिए संविधान को बनाना।

 (2) देश के लिए आम कानून लागू करना।

इस प्रकार संविधान सभा संवतत्र भारत की पहली संसद बनी। अगर संविधान सभा की बैठक संविधान सभा के रूप में होता तो इसकी अध्यक्षताडां. राजेन्द्र प्रसाद जी करते लेकिन अगर संविधान सभा की बैठक विधायिका के रूप में होता तो इसकी अध्यक्षता डा मावलंकर जी करते थे। इसी प्रकार संविधान सभा दोनों रूपों में 26 नवम्बर 1949 तक कार्य करता रहा।

 
संविधान सभा न की भारत के संविधान का निर्माण किया बल्कि इसने अन्य कार्य भी किया जैस- 1949 में राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता, 22 जुलाई 1947 को भारत का राष्ट्रीय ध्वज, 24 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को अपनाया।
 

संविधान सभा की समितियां Making of Indian constitution :-

 
भारत के संविधान के निर्माण के लिए तथा विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की समितियों का गठन किया गया जिसमें 8 बड़े कई अन्य छोटे-छोटे समितियों का गठन किया गया था। निचे कुछ महत्वपूर्ण समितिया निम्न है।
 
 
समितियों के नाम
समितियों के अध्यक्ष
प्रारूप समिति
डा. भीम राव अम्बेडकर
संघ संविधान समिति
जवाहर लाल नेहरू
प्रांतीय संविधान समिति
सरदार बल्लभ भाई पटेल
मूल अधिकार एवं अल्पसंख्यक समिति
सरदार बल्लभ भाई पटेल
झंडा समिति
डां0 राजेन्द्र प्रसाद
रियासत समिति (देशी रियासतों के वार्ता के लिए)
डा0 राजेन्द्र प्रसाद
देशी रियासत समझौता समिति
डा0 राजेन्द्र प्रसाद
संचालन समिति
डा. राजेन्द्र प्रसाद
नियम समिति
डा. राजेन्द्र प्रसाद
संघ शक्ति समिति
जवाहर लाल नेहरू
कार्य संचालन समिति
के. एम. मुन्शी
सर्वोच्च न्यायालय समिति
एस. बारदाचारियार
राज्य समिति
जवाहर लाल नेहरू
संविधान सभा के कार्यकरण संबंधी समिति
जी.बी. मावलंकर
अल्पसंख्यक उपसमिति
एच.सी. मुखर्जी
मूल अधिकार संबंधी उपसमिति
जे.बी. कृपलानी

 

प्रारूप समिति ः-

 
डा0 भिम राव अंबेडकर की अध्यक्षता में इस समिति का गठन 29 अगस्त को किया गया था। जिसका उद्देश्य भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करना था। इस समिति के कूल 7 सदस्य थे, जिनके नाम इस प्रकार है।

 
(1) डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर ( अध्यक्ष )
(2) एन. गोपालस्वामी आयंगार
(3) अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
(4) डॉक्टर के. एम. मुंशी
(5) सैय्यद मोहम्मद सादल्ला
(6) एन. माधव राव
(इन्होने बी. एल मित्र की जगह ली, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से त्याग-पत्र दे दिया था।)
(7) टी. टी. कृष्णामाचारी
( इन्होंने सन् 1948 में डी. पी. खेतान की मृत्यु के बाद उनकी जगह ली।)
 
प्रारूप समिति ने भारतीय संविधान का प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया गया। और इसके साथ ही इस प्रारूप पर भारत के लोगो को चर्चा करने तथा संशोधन का प्रस्ताव देने के लिए लोगों को 8 माह का समय दिया गया। 

लोगों के सुझावों के बाद प्रारूप समिति का दूसरा प्रारूप अक्टूबर 1948में प्रकाशित किया गया। प्रारूप समिति को अपना प्रारूप तैयार करने के लिए कुल 6 माह का समय लगा तथा इस दौरान कुल बैठक 141 हुईं।

 

भारतीय संविधान के गठन के कुछ आवश्यक तथ्य

  • (1) संविधान के द्वारा हाथी को प्रतीत (मुहर) के रूप में अपनाया गया था।
  • (2) सर बी.एन.राव को संविधान के लिए संवैधानिक सलाहकार (कानूनी सलाहकार) के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • (3) एल. एन. मुखर्जी को संविधान सभा का मुख्य प्रारूपकार नियुक्त किया गया था।
  • (4) प्रेम बिहारी नारायण रायजादा भारतीय संविधान के प्रमुख सुलेखक थे। मूल संविधान एक इटैलिक शैली में उनके द्वारा हस्तलिखित किया गया था।
  • (5) भारत के संविधान को निर्माण कार्य 26 नवम्बर 1949 को पूरा किया गया था लेकिन इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया था।
  • (6) 15 अगस्त 1947 को नियत दिन Day of Destiny कहा गया।
  • (7) 26 जनवरी 1950 को प्रथम स्वतन्त्रता दिवस रावी नदी के तट पर तिरंगा लहराकर मनाया गया था इसलिए संविधान को 26 जनवरी को पूर्णतः लागू की तिथि घोषित किया गया। और 26 जनवरी 1950 को प्रारम्भ की तारीख कहा गया।
  • (8) मूल संविधान में 22 भाग, 8 अनुसूचियां और 395 अनुच्छेद थे। किन्तु इस समय संविधान में 22 भाग, 12 अनुसूचियां और लगभग 445 अनुच्छेद है।

How was the Indian Constitution made in HIndi?

क्रिप्स मिशन के असफल होने के बाद 23 मार्च 1946में ब्रिटिश सरकार के द्वारा कैबिनेट मिशन का गठन किया गया जिसने नवम्बर 1946 मेंसंविधान सभा के गठन किया गया। कैबिनेट मिशन में कूल तिन लोग थे। जिसमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य थे।

1. लॉर्ड पेथिक लाँरेंस (अध्यक्ष)
2. सर स्टैफर्ड क्रिप्स (सदस्य)
3. ए. वी. अलेक्जेंडर (सदस्य)

Who is called the first citizen of India in Hindi?

भारत का पहला नागरिक भारत के संविधान के अनुसार भारत का  राष्ट्रपति होता है।

What is the process of making Indian Constitution in Hindi?


भारत में Making of Indian constitution (संविधान) सभा का सर्वप्रथम मांग सन् 1895 ई0 में बाल गंगा धार तिलक ने स्वराज विधेयक Swarajya Bill के माध्यम से किया था। उसके बाद सन् 1922 ई0 में महात्मागाँधी जी ने यह कहा कि ” भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छानुसार ही होगा। “

उसके बाद सन् 1934 में स्वाराज पार्टी ( एक पार्टी के रूप में सर्वप्रथम मांग ) के द्वारा, सन् 1934 में एम. एन. राव ( एक व्यकित के रूप में सर्वप्रथम मांग ), सन् 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत के संविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग किया।

और अन्त में सन् 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से पंडित जवाहरलाल नेहरू नें घोषणा की कि स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई

संविधान सभा के द्वारा किया जाएगा और हम इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होगा।
नेहरु के इस मांग को सन् 1940 में ब्रिटिस सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया। जिसे सन् 1940 के अगस्त प्रस्ताव के नाम से जाना गया।  

Who is the mother of Indian Constitution?

भारत का मूल संविधान प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा था। हालांकि हम सभी जानते हैं कि बीण्आरण् अंबेडकर संविधान के निर्माता है। उस आदमी के बारे में बहुत कम जाना जाता है जिसने संविधान को अपने त्रुटिहीन एवं कॉलग्राफ में लिखा था।

Where is original Constitution of India kept in Hindi?

हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई भारतीय संविधान की मूल प्रतियों को भारत की संसद की लाइब्रेरी में विशेष हीलियम से भरे पात्र में रखा जाता है। संविधान की मूल प्रतियां भारत की संसद की लाइब्रेरी में भी संग्रहीत किया गया है।

admin

Hi, This is Ram Pal Singh. I am a Profocinal Blogger and content writer, and Now I am working in the Government Sector in Uttar Pradesh.

This Post Has 2 Comments

  1. Unknown

    Sir prim minister wala site q nhi khul RHA hai

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