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President notes in Hindi

भारत के संविधान में भारत का राष्ट्रपति को भारत का प्रथम नागरिक माना गया है। हम आप इस लेख में president notes in Hindi या president of India notes in Hindi भारत के राष्ट्रपति को हिन्दीं में जानगें। 

मुख्यतः यहाँ से प्रत्येक परिक्षा जैसे – UPSC, UPPCS, UPSSSC, UP Police SI, Up Teacher, SSC, Bank और अनेक परिक्षा में प्रश्न पूछे जाते है।

Indian President

विश्व के लोकतांत्रिक शासन प्रणाली

विश्व के लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में दो प्रकार का सरकारों की स्थापना की जाती है।

(1) संसदीय सरकार (Parliamentary executive)

(2) अध्यक्षात्मक सरकार (Presidential Executive)

संसदीय सरकार (Parliamentary executive) में विश्व के किसी भी देश में है तो वहां की शासन व्यवस्था उस देश के राष्ट्रपति के हाथों में औपचारिक शक्तियाँ होती है।


अर्थात उस देश का वास्तविक कार्यपालिका प्रधान उस देश का मंत्रीपरिषद (मंत्रीपरिषद का प्रधान उस देश का प्रधानमंत्री होता है।) होता है| न की, उस देश का राष्ट्रपति। जैसे की भारत की शासन व्यवस्था।

लेकिन अगर विश्व के किसी देश की शासन व्यवस्था अध्यक्षात्मक सरकार (Presidential Executive) हो तो वहाँ का शासन का प्रमुख उस देश का प्रथम नागरिक

जैसे- राष्ट्रपति, राजा, रानी आदि होता है। और शासन की सभी शक्तियाँ उसके हाथों में होती है। जैसे- अमेरिका।

भारत के संविधान के अनुसार भारत का प्रथम नागरिक भरत के राष्ट्रपति होता है।

President notes in Hindi

जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के भाग 5 में जो कि संघ से सम्बन्धित हैअनुच्छेद 52 से अनुच्छेद 78 तक किया गया है। जो कि संघिय कार्यपालिका के बारे में विवेचना करता है।

 विश्व के किसी भी देश में मुख्यतः तीन आधार स्तम्भ कार्यपालिका,

विधायिका और न्यायपालिक पाये जाते है। जिसपर उनका शासन प्रणाली टिकी होती है। जैसे – भारत, अमेरिका आदी।

Article 52 – भारत का एक राष्ट्रपति होगा।

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Process of President election in India (भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन)

भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन जनता के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नहीं किया जाता है। बल्कि एक निर्वाचन मंडल के सदस्यों के द्वारा उनका निर्वाचन किया जाता है।

जिसका उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 54 में किया गया है।

ART 54

  • अनुच्छेद 54 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचन मंडल के द्वारा किया जायेगा और इस निर्वाचन मंडल में निम्न लोगों से मिलकर होगा।
  • भारत के संसद के दोनों सदनों लोकसभा तथा राज्सभा के केवल निर्वाचित सदस्य।
  • राज्य विधान सभा के केवल निर्वाचित सदस्य।
  •  क्रेंद्रशासित प्रेद्रशों दिल्ली व पुडुचेरी के विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य।
What is the Process of President election in India in Hindi?

भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन जनता के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नहीं किया जाता है। बल्कि एक निर्वाचन मंडल के सदस्यों के द्वारा उनका निर्वाचन किया जाता है।
जिसका उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 54 में किया गया है।

अनुच्छेद 54 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचन मंडल के द्वारा किया जायेगा और इस निर्वाचन मंडल में निम्न लोगों से मिलकर होगा।
भारत के संसद के दोनों सदनों लोकसभा तथा राज्सभा के केवल निर्वाचित सदस्य।
राज्य विधान सभा के केवल निर्वाचित सदस्य।
क्रेंद्रशासित प्रेद्रशों दिल्ली व पुडुचेरी के विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य।

दिल्ली और पुडुचेरी को राष्ट्रपति के चुनवा के लिए 70 वां संविधान संशोधन अधिनियम सन्- 1992 के द्वारा जोड़ा गया।

President notes in Hindi

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए लोकसभा तथा राज्यसभा के केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते है। न कि, मनोनित सदस्य भाग लेते है। और राज्य के विधान सभा के भी केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते है न कि, मनोनित सदस्य भाग लेते है।

अगर कोई भी सभा राष्ट्रपति के निर्वाचन से पहले विघटित हो गई हो तो उसके सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते।

Manner of election of the President of ndia (भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति) 

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली (नोट- भारत में अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली को भारत में सन् 1892 के अधिनियम के द्वारा लागू किया गया था।) के द्वारा अनुच्छेद 55 के तहत किया जाता है।

अनुच्छेद 55 – इसके द्वारा भारत के राष्ट्रपति का चुनाव में दो प्रकार के सिद्धान्तों को अपनाया जाता है।

(1) समरूपता तथा समतुल्यता या आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (Proportional Representation System)

इस प्रणाली के अनुसार हम सबसे पहले भारत के अन्दर सभी राज्यों के विधान सभाओं के सदस्यों के वोट का मुल्य निकालते है तथा उसके बाद हल संसद सदस्यों के वोट का मूल्य निकाला जाता है।

हम भारत के सभी राज्यों की विधान सभाओं का प्रतिनिधित्व का मान निकालने के लिए एक ही प्रक्रिया को आपनाया जाएगी, जो सभी राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों के मत मूल्य का योग संसद के सभी सदस्यों के मत मूल्य के योग के बराबर होगा।

विधानसभा के सदस्यों के मत मूल्य का निर्धारण

or,

भारत के संसद एक सदस्य के मत मूल्य का निर्धारण –

(2) एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable vole System) ➪

  इस सिद्धान्त का यह अर्थ है कि, यदि निर्वाचन में एक से अधिक उम्मीदवार हो तो मतदाताओं द्वारा मतदान का एक वरीयता क्रम से दिया जाता है।

How can elect the President of India (भारत के राष्ट्रपति को कैसे चुना जाता है।)

भारत का राष्ट्रपति बनने के लिए राष्ट्रपति पद के किसी भी उम्मीदवार को, राष्ट्रपति के चुनाव में निर्वाचित होने के लिए, 

उम्मीदवार को मतों का एक निश्चित मतों का भाग प्राप्त करना आवश्यक है। निश्चित मतों का भाग को प्राप्त करने के लिए निम्न सूत्रों का प्रयोग किया जाता है।

(2) एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable vole System) ➪

इस सिद्धान्त का यह अर्थ है कि, यदि निर्वाचन में एक से अधिक उम्मीदवार हो तो मतदाताओं द्वारा मतदान का एक वरीयता क्रम से दिया जाता है।

How can elect the President of India (भारत के राष्ट्रपति को कैसे चुना जाता है।)

भारत का राष्ट्रपति बनने के लिए राष्ट्रपति पद के किसी भी उम्मीदवार को, राष्ट्रपति के चुनाव में निर्वाचित होने के लिए, उम्मीदवार को मतों का एक निश्चित मतों का भाग प्राप्त करना आवश्यक है। 

निश्चित मतों का भाग को प्राप्त करने के लिए निम्न सूत्रों का प्रयोग किया जाता है।   चूँकि भारत के राष्ट्रपति पद मात्र एक होता है इसलिए इसे निम्न सूत्रों का भी प्रयोग किया जाता है।

or,

भारत का राष्ट्रपति पद के लिए उसी व्यक्ति को सफल घोषित किया जाता है, जो कुल वैध मतों के आधे से कम से कम एक मत अधिका होना चाहिए।

अर्थात भारत का राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी एक उम्मीदवार को कम से कम 50% मत से अधिक प्राप्त करना होगा। जिसे न्यूनतम कोटा के नाम से भी जाना जाता है।

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में निर्वाचन मंडल के प्रत्येक सदस्य को केवल एक ही मतपत्र दिया जाता है।

मतदाता को मतदान करते समय उम्मीदवारों के नाम के आगे अपनी एक वरीयता क्रम देना होता है। 

अर्थात, मान की भारत की भारत के राष्ट्रपति के लिए 3 उम्मीदवार है।

अगर कोई  भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में मत देने जाता है तो प्रत्येक मतदाता, राष्ट्रपति पद के प्रत्येक उम्मीदवार को एक वरीयता क्रम 1, 2, 3, देता है। 

इस प्रकार मतदाता उम्मीदवारों की उतनी वरीयता दे सकता है, जितने उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव में होते है।

मतों को गणना की प्रक्रिया क्या है?

गणना के प्रथम चरण में राष्ट्रपति पद के लिए प्रथम वरीयता के मतों की गणना होती है। यदि उम्मीदवार निर्धारित प्राप्त कर लेता है तो,

वह भारत का राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित घोषित हो जाता है। अन्यथा मतों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को अपनाई जाती है।

मतों का स्थानांतरण की प्रक्रिया क्या है?

भारत के राष्ट्रपति पद लिए प्रथम चरण के मतों के गणना के आधार पर न्यूनतम मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार के मतों को रद्द कर दिया जाता है।

तथा इसके बाद द्वितिय वरीयता के मतों को अन्य उम्मीदवारों के प्रथम वरीयता के मतों में स्थानांतरित कर दिया जाता है।

और यह प्रक्रिया तब तक चलता है। जब तक की किसी एक उम्मीदवार को मतों का निर्धारित मत न प्राप्त हो जाता है। इसी प्रक्रिया को द्वितिय चक्र की मतगणना कहते है।

अनुच्छेद 71 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनवा से संबंधित सभी विवादों की जांच व फैसला भारत के उच्चतम न्यायलय में होता है। और इसका फैसला अंतिम होता है।

President notes in Hindi

Qualifications of the President of India (भारत के राष्ट्रपति पद की योग्यता या अर्हताएं)

भारत के राष्ट्रपति पद की योग्यता भारत के संविधान के अनुच्छेद 58 में है। अनुच्छेद 58 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति पद की याग्यता निम्न है।

  • वह भारत का नागरिक हो।
  • वह पागल न हो।
  • वह 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
  • वह लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए योग्य हो।
  •  वह भारत के किसी संघ या राज्य सरकार के अधिन कोई लाभा का पद धारण न किया हो।
  • वह किसी भी सदन अथवा राज्य के विधायिका का सदस्य नहीं होना चाहिए।

नोट ⇾ भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य तथा क्रेन्द्र का कोई मंत्रि के पद को लाभा का पद नहीं माना जाता है।

नोट ⇾ यदि भारत का ऱाष्ट्रपति कोई ऐसा व्यक्ति निर्वाचित होता है तो, ऐसे व्यक्ति को भारत का ऱाष्ट्रपति निर्वाचित पद ग्रहण करने से पूर्व उसे सदन से त्यागपत्र देना होगा।

Nomination process of President of India in Hindi (भारत के राष्ट्रपति पद का नामांकन और अनुमोदक)

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए नामांकन के लिए कम से कम 50 उम्मीदवार तथा अनुमोदक के लिए कम से कम 50 उम्मीदवार होने चाहिए। तथा जमानत राशि 15000 रु. होता है।

लेकिन यह 1997 से पहले भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के नामांकन के लिए कम से कम 10 तथा अनुमोदक के लिए कम से कम 10 उम्मीदवार होने चाहिए तथा जमानत राशि 2500 रु, होता था।

Oath of President of India in Hindi (भारत के राष्ट्रपित पद का शपत)

भारत के राष्ट्रपति पद के शपत का उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 60 में दिया गया है। न कि, भारत के संविधान के अनुसूची 3 में है।

अनुच्छेद 60 के तहत भारत के राष्ट्रपति को शपत भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा उनकी अनुपस्थिति में भारत के उच्चतम न्यायालय के सबसे ज्येष्ठतम न्यायाधीश के द्वारा शपत दिलायी जाती है।

Term of office of the President of India (भारत के राष्ट्रपति पद की पदाविध)

भारत का ऱाष्ट्रपति भारत के संविधान के अनुच्छेद 56 में भारत के राष्ट्रपति के पदाविध का उल्लेख किया गया है।

अनुच्छेद 56 के अनुसार भारत का कोई भी राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तिथि से 5 साल की अवधि तक अपना पद धारण करता है।

लेकिन वह 5 साल से पहले किसी भी समय वह अपना त्यागपत्र भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति को दे सकता है।  

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 62 में यह उल्लेख किया गया है कि, भारत के राष्ट्रपति के 5 साल का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही नये राष्ट्रपति के लिए चुनाव सम्पन्न करा लिया जायेगा। और अगर भारत के राष्ट्रपति का पद किसी भी कारण से रिक्त होता है तो नये राष्ट्रपति का चुनाव 6 माह के भीतर चुनाव किया जायेगा।

The emoluments and allowances of the President in Hindi (भारत के राष्ट्रपति के वेतन और भत्ते)

भारत के राष्ट्रपति का वेतन और भत्ते भारतीय संविधान के अनुच्छेद 59(3) में उल्लेख किया गया है।

जिसमें कहा गया है कि, भारत का राष्ट्रपति बिना किराया दिये भारत के शासकीय आवास का उपयोग करेगा और

ऐसी परिलब्धियों, भत्तों और अन्य विशेषाधिकारों का वह हकदार होगा। जो भारतीय संसद विधि द्वारा नियत करें।  

भारत के मूल संविधान में भारत के राष्ट्रपति का वेतन 50,000 रुपया था। जिसे भत्ता एंव पेंशन अधिनियम सन् 2008 के द्वारा वेतन को 1.5 लाख रुपया कर दिया गया लेकिन

फिर इसे सन् 2018 में भारत के राष्ट्रपति के वेतन को 5 लाख रुपया कर किया गया।

इस तरह भारत के राष्ट्रपति का वर्तमान वेतन 5 लाख रूपया है।

Impeachment of President of India in Hindi (भारत के राष्ट्रपति पद पर महाभियोग)

भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया अनुच्छेद 61 में दिया गया है। अनुच्छेद 61 के तहत भारत के किसी भी राष्ट्रपति पर महाभियोग सिर्फ एक कारण से महाभियोग प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है जो कि, भारतीय संविधान का अतिक्रमण (Violation of Indian constitution) है।

भारत के राष्ट्रपति के उपर या विरुद्ध महाभियोग संसद द्वारा चलाई जाने वाली एक अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया होती है।

महाभियोग प्रक्रिया कि विधि –

Step-1 :- सबसे पहले राष्ट्रपति के महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में किया जाता है। प्रस्ताव पर उस सदन के ¼ (एक-चौथाई) सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिये। और भारत के राष्ट्रपति को 14 दिन पूर्व एक नोटिस देना होगा।

Step-2 :- उस सदन के द्वारा महाभियोग का प्रस्ताव को दो-तिहाई बहुमत से पारित करने के बाद महाभियोग का प्रस्ताव को दूसरे सदन में भेज दिया जाता है।

Step-3 :- दूसरा सदन राष्ट्रपति के उपर लगे महाभियोग कि प्रक्रिया को जांच करेगा। और इस सदन में राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति को उपस्थित होने तथा अपना प्रतिनिधित्व करने का अधिकार होता है। 

अगर दूसरा सदन महाभियोग की इस प्रक्रिया को अपने सदन के सदस्यों के द्वारा दो-तिहाई बहुमत के द्वारा पारित कर देते है तो

भारत के राष्ट्रपति के उपर लगे महाभियोग का प्रक्रिया पूरा माना जाता है। और उस समय से भारत के राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है।

भारत के राष्ट्रपति पद की रिक्तता के कारण :–

भारत के राष्ट्रपति का पद निम्न प्रकार से ही रिक्त हो सकता है।

  • भारत के राष्ट्रपति के पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने पर।
  • भारत के राष्ट्रपति के द्वारा त्यागपत्र देने पर।
  • भारत के राष्ट्रपति को महाभियाग प्रक्रिया के द्वारा उसे पद से हटाने पर।
  • उसकी मृत्यु हो जाने पर।
  • निर्वाचन अवैध घोषित होने पर।

 यदि भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में किसी कारण कोई देरी होती है तो, भारत का वर्तमान राष्ट्रपति अपने पद पर बना रहेगा। उसके पांच वर्ष के उपरांत भी। जब तक की उसका कोई उत्तराधिकारी कार्यभार न ग्रहण कर ले।

यदि उसके पद उसकी मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन अन्यथा किसी अन्य कारण से रिक्त होता है तो, नए राष्ट्रपति का चुनाव पद रिक्त होने की तिथि से 6 माह के भीतर चुनाव कराना चाहिए।

भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति :-

अगर भारत के राष्ट्रपति का पद किसी कारण जैसे- उसकी मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन अन्यथा किसी अन्य कारण से पाद रिक्त होता है तो,

नये भारत के राष्ट्रपति चुने जाने तक भारत मे कार्यवाहक राष्ट्रपति का उल्लेख किया गया है।

Power of Indian President in Hindi (भारत के राष्ट्रपति की शक्तियाँ)

भारत के राष्ट्रपति को भारत में व्यापक शक्तियाँ प्रदान की गयी है। भारत के राष्ट्रपति के शक्तियों को निम्न 4 भागों में बाटां जा सकता है।

 (1) कार्यकारी शक्तियाँ –

➥ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 53 के तहत भारत के संघ की कार्यपालिका शक्ति भारत के राष्ट्रपति में निहित होता है।

➥ भारत के संविधान के अनुच्छेद 77 और अनुच्छेद 299 के तहत भारत सरकार के  समस्त कार्य भारत के राष्ट्रपति के नाम पर किया जाता है।

➥ भारत में निर्वाचन संपन्न हो जाने के बाद भारत के राष्ट्रपति बहुमत दल के नेता को भारत का प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करता है।

विधायी शक्तियाँ –

➥ भारत का राष्ट्रपति भारत की संसद का अभिन्न अंग होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 के तहत

भारतीय संसद का निर्माण भारत के राष्ट्रपति तथा दो सदन लोकसभा तथा राज्यसभा से मिलकर होता है।

➥ भारत के संविधान के अनुच्छेद 85 और अनुच्छेद 108 के तहत भारत के राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के सत्र को आहूत करता है।

तथा उनका सत्रावसान करता है। किसी विषय पर गतिरोध होने पर राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाता है।

➥ भारत के राष्ट्रपति भारत के लोकसभा में अनुच्छेद 331 के तहत दो आंग्ल-भारतीय समुदाय के दो सदस्य मनोनीत करता है।

और राज्यसभा में अनुच्छेद 80(1) के तहत 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकता है। अर्थात भारत के राष्ट्रपति भारत के ससंद में कूल 14 लोगों को मनोनीत कर सकता है।

➥ जब भारत के दोनों सदन का सत्रावसान हो गया है। या किसी अन्य कारण से भारत के सदनों का सत्र न चल रहा है या किसी भी कारण से भारतीय संसद विधि बनाने में सक्षम न हो तो,

भारत के राष्ट्रपति को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत भारत में एक अध्यादेश जारी करने की शक्ति दी गयी है।

जिसका प्रभाव संसद के द्वारा जारी अधिनियम के समान ही होता है। संसद को उसे 6 सप्ताह के भीतर अपनी अनुमति देनी होती है,

अन्यथा अधिनियम प्रारंभ होने के 6 सप्ताह बाद अध्यादेश अपने आप ही समाप्त हो जाता है।

सैन्य शक्तियाँ-

➥ भारत का राष्ट्रपति भारत के तीनों सेनाओं (जल, थल और वायु) का सर्वोच्च सेनापति होता है।

भारत संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत भारत के राष्ट्रपति को भारत के उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को नियुक्त करने की शकित प्राप्त है।

आपातकालीन शक्तियाँ –

➥ भारतीय संविधान के भाग 18 में अनुच्छेद 352 से 360 तक आपातकाल  तक आपातकालीन उपबंधो की व्यावस्था की गयी है।

यदि राष्ट्रपति चाहे तो वह नागरिकों के मूल अधिकारों की भी स्थगित कर सकता है।

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bharat ke rashtrapati kaun hai 2020

श्री कोविन्द ने 25 जुलाई, 2017 को भारत के 14वें राष्ट्रपति का पद ग्रहण किया।

What is the Power of Indian President in Hindi ?

भारत के राष्ट्रपति को भारत में व्यापक शक्तियाँ प्रदान की गयी है। भारत के राष्ट्रपति के शक्तियों को निम्न 4 भागों में बाटां जा सकता है।
1. विधायी शक्तियाँ
2. सैन्य शक्तियाँ
3. आपातकालीन शक्तियाँ
4. कार्यकारी शक्तियाँ

भारत में कौन कार्यवाहक राष्ट्रपति बन सकता है?

भारत के संविधान के अनुसार भारत का कार्यवाहक राष्ट्रपति भारत का उपराष्ट्रपति या उनके उपस्थिती में भारत का राष्ट्रपति बन सकता है?

What is the qualifications of the President of India?


भारत के राष्ट्रपति पद की योग्यता भारत के संविधान के अनुच्छेद 58 में है। अनुच्छेद 58 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति पद की याग्यता निम्न है।

1. वह भारत का नागरिक हो।
2. वह पागल न हो।
3. वह 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
4. वह लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए योग्य हो।
5. वह भारत के किसी संघ या राज्य सरकार के अधिन कोई लाभा का पद धारण न किया हो।
6. वह किसी भी सदन अथवा राज्य के विधायिका का सदस्य नहीं होना चाहिए।

भारत के राष्ट्रपित पद का शपत कौन दिलाता है ?

भारत के राष्ट्रपति पद के शपत का उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 60 में दिया गया है। न कि, भारत के संविधान के अनुसूची 3 में है।
अनुच्छेद 60 के तहत भारत के राष्ट्रपति को शपत भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा उनकी अनुपस्थिति में भारत के उच्चतम न्यायालय के सबसे ज्येष्ठतम न्यायाधीश के द्वारा शपत दिलायी जाती है।

How to Nomination process of President of India in Hind ?

Nomination process of President of India in Hindi (भारत के राष्ट्रपति पद का नामांकन और अनुमोदक)
भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए नामांकन के लिए कम से कम 50 उम्मीदवार तथा अनुमोदक के लिए कम से कम 50 उम्मीदवार होने चाहिए। तथा जमानत राशि 15000 रु. होता है।
लेकिन यह 1997 से पहले भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के नामांकन के लिए कम से कम 10 तथा अनुमोदक के लिए कम से कम 10 उम्मीदवार होने चाहिए तथा जमानत राशि 2500 रु, होता था।

Ram Pal Singh

Hi, This is Ram Pal Singh. I am a Profocinal Blogger and content writer, and Now I am working in the Government Sector in Uttar Pradesh.

This Post Has One Comment

  1. Thanks you Sir For giving a great notes for me.

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